NFO Alert
HDFC लाएगा 70:30 हाइब्रिड इंडेक्स फंड, शेयरों के साथ सरकारी बॉन्ड में होगा निवेश
NFO Alert: HDFC म्युचुअल फंड एक नया हाइब्रिड इंडेक्स फंड लेकर आया है। HDFC Nifty LargeMidcap250 Plus 8-13 Yr G-Sec 70:30 Index Fund एक ओपन-एंडेड स्कीम है, जिसमें निवेशकों के पैसे का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में और बाकी हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों में लगाया जाएगा। स्कीम का उद्देश्य संबंधित इंडेक्स के प्रदर्शन को ट्रैक करना है।
यह फंड 5 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। इसमें न्यूनतम 100 रुपये से निवेश किया जा सकता है। स्कीम में ग्रोथ और IDCW दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे।
फंड में पैसा कहां लगाया जाएगा?
स्कीम की निवेश रणनीति के मुताबिक, फंड के कुल निवेश का करीब 70 फीसदी हिस्सा Nifty LargeMidcap250 से जुड़े शेयरों और इक्विटी संबंधी साधनों में लगाया जाएगा। बाकी 30 फीसदी हिस्सा 8 से 13 साल की अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों यानी G-Secs में लगाया जाएगा।
इस तरह फंड में इक्विटी और सरकारी बॉन्ड दोनों का एक्सपोजर रहेगा। फंड का बेंचमार्क Nifty LargeMidcap250 Plus 8-13 yr G-Sec 70:30 Index (TRI) होगा।
LargeMidcap250 इंडेक्स क्या है?
Nifty LargeMidcap250 इंडेक्स में लार्ज-कैप और मिड-कैप कंपनियों का मिश्रण होता है। ऐसे में फंड के इक्विटी हिस्से में बड़ी कंपनियों के साथ मिड-कैप कंपनियों का भी एक्सपोजर मिलेगा।
फंड इंडेक्स को ट्रैक करेगा, इसलिए इसका प्रदर्शन संबंधित इंडेक्स के रिटर्न से जुड़ा रहेगा। हालांकि, फंड के वास्तविक रिटर्न और इंडेक्स के रिटर्न में ट्रैकिंग एरर की वजह से अंतर हो सकता है।
सरकारी बॉन्ड का भी रहेगा हिस्सा
फंड की खास बात यह है कि इसमें इक्विटी के साथ 8 से 13 साल की अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों में भी निवेश किया जाएगा। सरकारी प्रतिभूतियों को डेट पोर्टफोलियो का हिस्सा माना जाता है, लेकिन लंबी अवधि वाले बॉन्ड की कीमतों पर ब्याज दरों में बदलाव का असर पड़ सकता है।
इसलिए फंड में केवल शेयर बाजार से जुड़े जोखिम ही नहीं होंगे। ब्याज दरों और सरकारी प्रतिभूतियों की कीमतों में बदलाव का असर भी फंड के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
नया फंड, अभी प्रदर्शन का रिकॉर्ड नहीं
यह एक नया फंड है, इसलिए इसका कोई लंबा ऐतिहासिक प्रदर्शन उपलब्ध नहीं है। Value Research ने भी इसे New Fund बताया है और फिलहाल मूल्यांकन के लिए पर्याप्त प्रदर्शन इतिहास नहीं होने की बात कही है।
फंड का रिस्कोमीटर High है। हालांकि इसमें 30 फीसदी हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों में रखा जाएगा, लेकिन 70 फीसदी इक्विटी एक्सपोजर के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव का असर फंड के NAV पर पड़ सकता है।
फंड को कौन मैनेज करेगा?
फंड के लिए नंदिता मेनेजेस, अरुण अग्रवाल और संकल्प बैद को फंड मैनेजर बनाया गया है। तीनों की नियुक्ति 5 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।
नंदिता मेनेजेस चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और इससे पहले एस.वी. घातालिया एंड एसोसिएट्स एलएलपी से जुड़ी थीं। अरुण अग्रवाल चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और इससे पहले SBI Funds Management, ICICI Bank और UTI Asset Management जैसी संस्थाओं में काम कर चुके हैं। संकल्प बैद भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और इससे पहले BNP Paribas Bank, India Ratings & Research और अन्य संस्थानों से जुड़े रहे हैं।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
यह फंड इक्विटी और सरकारी बॉन्ड का मिश्रण देता है, लेकिन इसे कम जोखिम वाला फंड नहीं माना जा सकता। स्कीम का रिस्कोमीटर High है और इसका बड़ा हिस्सा शेयर बाजार से जुड़ा रहेगा।
साथ ही, फंड नया होने के कारण इसका पिछला प्रदर्शन उपलब्ध नहीं है। इसलिए निवेशकों के लिए फंड की संरचना, अपने निवेश की अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता को समझना जरूरी होगा।
स्कीम में लॉक-इन नहीं है और एग्जिट लोड शून्य है। हालांकि, निवेश से पहले फंड के अंतिम ऑफर डॉक्यूमेंट और सभी लागू शर्तों को देखना जरूरी है।
